Connect with us

Hi, what are you looking for?

समाचार

‘द अर्टिगो रेजीडेंसी’ के फ्लैटों की बिक्री पर उत्‍तराखंड रेरा की रोक

जिलाधिकारी देहरादून से फ्लैटों की रजिस्‍ट्री पर अगले आदेश तक रोक लगाने को कहा गया है

अवैध रियल एस्‍टेट परियोजनाओं पर सख्‍ती पर दिखाते हुए उत्‍तराखंड भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) नियम-कायदों को ताक पर रखने वाले बिल्‍डरों के खिलाफ शिकंजा कस रहा है। अब प्राधिकरण ने एस.ए. बिल्‍टटेक द्वारा मालसी में विकसित की ‘द अर्टिगो रेजीडेंसी’ परियोजना के फ्लैटों की बिक्री पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। उत्‍तराखंड रेरा के सदस्‍य नरेश सी. मठपाल की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस परियोजना के पंजीकरण की वैधता 31 मार्च 2019 को समाप्‍त हो जाने के परिणामस्‍वरूप यह रोक लगाई गई है। अत: कोई भी व्‍यक्‍ति इस रियल एस्‍टेट प्रोजेक्‍ट में फ्लैटों के क्रय-विक्रय हेतु एस.ए. बिल्‍टटेक के साथ किसी भी प्रकार का वित्‍तीय लेन-देन करने पर इसमें निहित जोखिम के लिए खुद जिम्‍मेदार होगा।  

इस मामले में प्राधिकरण द्वारा 16 नवंबर को पारित आदेश की सूचना जिलाधिकारी देहरादून को देते हुए उक्‍त परियोजना के फ्लैटों की रजिस्‍ट्री पर अगले आदेश तक रोक लगाने को कहा गया है। हाल के महीनों में उत्‍तराखंड रेरा द्वारा नियम-कायदों का उल्‍लंघन करने वाले कई बिल्‍डरों के खिलाफ आदेश जारी किए गये हैं। पिछले महीने रियल एस्टेट कंपनी रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक करोड़ 71 लाख 88 हजार 24 सौ रुपये की आरसी जारी की थी। यह कार्रवाई समय पर फ्लैट मुहैया नहीं कराने पर हुई थी।

प्राधिकरण के सदस्‍य नरेश सी. मठपाल का कहना है कि उपभोक्‍ताओं के हितों को ध्‍यान में रखते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं। रियल एस्टेट उद्योग में ग्राहकों और निवेशकों के विश्वास को बहाल करने के लिए रेरा की स्‍थापना की गई थी। इस बारे में उपभोक्‍ताओं को भी जागरूक होने की आवश्‍यकता है। 

संबंधित पोस्ट

विचार

खटीमा में हार के बावजूद पुष्कर सिंह धामी मार्च में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनकर मुद्दर का सिकंदर कहलाए, लेकिन इसके तत्काल बाद अप्रैल में...

नीति

जोशीमठ आपदा के वक्त देश और प्रदेश के पर्यावरण मंत्री कहां हैं? उठ रहे हैं सवाल

समाचार

भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के दावे ध्वस्त, पेपर लीक के बाद पटवारी परीक्षा निरस्त

संघर्ष

मुआवजे और पुनर्वास से पहले ध्वस्तीकरण को लेकर आलोचनाओं से घिरी धामी सरकार